मुकेश मिल्स, जिसके नाम से ही काँपता है बॉलीवुड

मुकेश मिल्स का नाम मुंबई Mukesh Mills mumbai की ही नही बल्कि, भारत की भूतिया जगहों गिना जाता है. मुकेश मिल्स में कुछ दशकों पहले कपड़ें बनाने का कार्य होता था. उसके बाद यहां पर बॉलीवुड की फिल्में और सीरियल्स का शूटिंग होता था. 

परंतु आज के समय मे वहाँ कोई परिंदा भी पर नही मारता. आखिर क्यों, बहुत से मजदूरो की रोजीरोटी रही मुकेश मिल्स आज एक वीरान भूतिया खंडर हो गया है. 

आइये जानते है, भारत के टॉप 10 हॉन्टेड प्लेस में सुमार मुकेश मिल्स के इतिहास के बारे में...

★ मुकेश मिल्स की स्थापना 

मुंबई के कोलाबा में स्थित मुकेश मिल्स mukesh mills का निर्माण भारत की आजादी से पहले साल 1852 में हुआ था. जब मुकेश मिल्स की स्थापना की गई थी तब उसका नाम मुकेश टेक्सटाइल मिल्स प्रा. लिमिटेड था. जिसके मालिक का नाम मूलजीभाई माधवानी था. मूलजीभाई माधवानी ईस्ट आफ्रिकन हार्डवेयर लिमिटेड के मालिक है.  

मुंबई में कोलाबा समुद्री तट पर 11 एकड में बनी मुकेश मिल्स आज के समय मे  'ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया' के अधिनियम में आता है. मुकेश मिल्स mukesh mills में पहले सूत के कपड़े बनाने की मिल और सूत के कपड़े इंपोर्ट-एक्सपोर्ट करने का कारोबार था. 

★ कैसे बना मुकेश मिल्स हॉन्टेड

साल 1917 में एक रात शॉर्टसर्किट की वजह से मुकेश मिल्स  mukesh mills में भयंकर आग लग गई थी. जिसकी वजह से मिल का काफी भाग जलकर खाख हो गया था. उस आग की लपटों में मुकेश मिल्स के कई मजदूर आ गए थे...और उन सभी की मौत हो गई थी. 

परंतु आग लगने के दो साल बाद ही साल 1919 में मुकेश मिल्स mukesh mills को फिर से शुरू कर दिया गया था. पर कुछ साल बाद ही मुकेश मिल्स में एक बार फिर से रहस्यमयी तरीके से आग लग गई थी. इस बार लगी आग ने मुकेश मिल्स को पूरी तरह से जला दिया था. 

इस आग में मुकेश मिल्स mukesh mills के कई सारे मजदूर बे मौत मारे गए थे. मुकेश मिल्स में काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि, यह आग पहले मरे मजदूरों द्वारा ही लगाई गई थी. आग में जलने की वजह से मुकेश मिल्स पूरी तरह से खंडर हो गया और फिर कभी मुकेश मिल्स mukesh mills को चालू नही किया गया. 

★ मुकेश मिल्स में बॉलीवुड की शूटिंग

खंडर बन चुकी मुकेश मिल्स जलने के कुछ सालों बाद बॉलीवुड के निर्माताओ की नजरों में आ गयी और साल 1982 में पहली बार मुकेश मिल्स में फिल्मों की शूटिंग शुरू हुई. 

मुकेश मिल्स की दीवारों पर छपी आग की लपटें निर्माताओं को इतनी पसंद आई कि, मुकेश मिल्स में शूटिंग करना एक ट्रेंड सा हो गया था. उसके बाद मुकेश मिल्स के मालिक मुकेश मिल्स को फिल्मों की शूटिंग के लिए किराये पर देने लगे थे. 

यह बहुत कम लोगो को पता है कि, साल 1919 में आई अमिताभ बच्चन की फ़िल्म हम का मशहूर सॉन्ग "चुम्मा चुम्मा" मुकेश मिल्स में ही फिल्माया गया था. उसके बाद साल 2009 में आई सलमान खान की फ़िल्म वॉन्टेड का आखरी फाइटसीन भी मुकेश मिल्स में ही फिल्माया गया था.

★ आखिर क्यों डरता है बॉलीवुड मुकेश मिल्स से

साल 2015 में आई फ़िल्म बदलापुर की कुछ शूटिंग मुकेश मिल्स में हुई थी. जब यह फ़िल्म की शूटिंग चल रही थी तब फ़िल्म के हीरो-हीरोइन वरुण धवन और यामी गौतम एक साथ ही रहते थे. क्योंकि, उन्हें अपने आसपास कोई अदृश्य शक्ति के होने का भास होता था. 

कुछ दिन के बाद ही उनके ग्रुप की एक लड़की कुछ अजीबोगरीब हरकते करने लगी थी. देखते ही देखते उस लड़की की आवाज कुछ मर्दानी सी हो गई थी. वह जोर-जोर से चिल्ला रही थी...और 'चले जाओ यहां से, ये जगह हमारी है.' ऐसा कहने लगी थी. 

उसके बाद वह लड़की को अस्पताल में दाखिल करवाया गया. पर वह हादसे के कुछ बिनो बाद ही उस लड़की की मौत हो गई थी. ऐसे ही किस्से बॉलीवुड के दूसरे अभिनेता इमरान हाशमी और बिपाशा बासु के साथ भी हुए थे. 

भूतप्रेतों के कई सारे किस्से सामने आने के कारण मुकेश मिल्स में फिल्मों की शूटिंग को बंद कर दिया गया. आज मुकेश मिल्स केवल एक खंडर है. बॉलीवुड का कोई भी अभिनेता मुकेश मिल्स में शूटिंग करना नही चाहता.

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