abdul karim telgi indian stamp papar scam 2003 | abdul karim telgi scam story in hindi

आज हम बात करेंगे बिगेस्ट स्कैम्स ऑफ इण्डिया। आप सबको याद ही होगा हर्षद मेहता harshad mehta का १९९२ वाला स्कैम।

उस स्कैम की रकम तकरीबन ४०२४ करोड़ थी।उसके बाद आता है अब्दुल करीम तेलगी स्कैम उसकी रकम Abdul Karim Telgi Scam amount सायद ३२००० करोड़ थी। यह स्कैम २००३ मैं हुआ था।

Abdul Karim Telgi Scam Story In Hindi

आप सबको यह जानकर हैरानी होगी यह स्कैम एक फ्रुट बेचने वाले एक मामूली इंसान ने किया था। यह स्कैम का मूल मंत्र स्टैंप पेपर गोटाले stamp papar scam के रूप में पूरी दुनिया में उस समय में छाया हुआ था। यह शख्स एक रेलवे के क्लास वन ऑफिसर के बेटे थे।

अब्दुल करीम तेलगी के पिता की मुत्यु वह बहुत छोटे थे तभी हो गई थी। उनके २ और भाई थे अब्दुल रहीम और अब्दुल अजीज।

Paper scam abdul karim telgi

उन्होंने अपनी डिग्री करने के बाद जॉब ढूंढने मैं बहुत पापड़ बेले। तभी उनको पता चला के बॉम्बे में जॉब्स की कमी नहीं है। तो अब्दुल करीम तेलगी Abdul Karim Telgi सब छोड़कर बॉम्बे आ गया और यही रहने लगा।

बॉम्बे आते ही उनको सबसे पहले फिलिक्स इंडिया नाम कंपनी मैं जॉब मिल गया । पर वहा उनका काम अच्छा न चलने से कंपनी ने उनको निकाल दिया और अब्दुल करीम तेलगी ने हिम्मत न हार कर किशन गेस्ट हाउस मैं नई जॉब सुरु कर दी।

यह से उसकी पैसे की भूख बढ़ी और वह १९८६ मैं साउदी अरेबिया गया और उसने वहा पर कई साल जॉब करने के बाद भी उसे वहा कुछ उसका भविष्य दिखा नहीं तो फिर वह वापिस बॉम्बे आया और यही से स्कैम २००३ की शुरुआत हो गई।

वह सुरु से ही जल्द पैसे कमाने की फिरत मैं था। उसने फिर बॉम्बे आकर फेक पासपोर्ट और वीजा बनाने के लिए अरेबियन मेट्रो ट्रेवल्स नामक कंपनी खोली और इससे उसने बहुत पैसा भी कमा लिया पर कहते है ना “सही काम से आया हुआ पैसा ही टिकता है” एक बार इमिग्रेशन ऑफिसर ने उसे पकड़ लिया और चिटिंग करने के जुर्म में उसे कई महीनो के लिए जेल में रहना पड़ा।

वही से उसको रत्न सोनी से मुलाकात हुई और उसने बताया कि, गोवरमेंट के स्टैमेंप पेपर डिपार्टमेंट पर कोई ध्यान नहीं देता। जेल से छूटने के बाद तुरंत रत्न सोनी और अब्दुल करीम तेलगी Abdul Karim Telgi यही काम सुरु कर देते है। सबसे पहले उन्होंने पॉलिटीशियन और बड़े बड़े लोगो से मुलाकात की और उनके साथ अपने रिश्ते बढ़ा दिए। उसके बाद उन्होंने स्टैंप वेंडिंग का लाइसेंस लिया जिससे उनके उपर कोई सक न कर सके और उसके बाद उन्होंने स्टैंप के लिए जो भी मशीनरी चाहिए वो खरीद ली।

अब्दुल करीम तेलगी Abdul Karim Telgi Scam जब नकली स्टैंप पेपर जब बेचने लगा तभी पता लगाना मुस्किल हो गया की असली पेपर कोनसा है और नकली कोनसा है। उसने यही नहीं और भी स्कैम भी करने चाहे पर वह नाकाम हुआ। पर स्टैंप पेपर stamp papar से उसे बहुत बड़ा नफा हुआ। आगे चलकर रत्न सोनी और अब्दुल करीम तेलगी Abdul Karim Telgi अलग हुए और अब्दुल करीम तेलगी अपनी कंपनी बड़ी करने लगा। उसने बहुत सारे फेक स्टैंप पेपर नकली छपना सुरु कर दिया। और देखते देखते यह काम इतना बड़ा हुआ की उसके पास इस काम के लिए ३५० वर्करएस हो गए।

धीरे धीरे यह काम बहुत बड़ा हो गया और अब्दुल करीम तेलगी लाखो रूपे क्लब में उड़ाने लगा और एइयासियां करने लगा। और एक बार फिर इंडिया मैं वही हुआ जो पूरी दुनिया को चौका देने वाला था २००० की साल में पुलिस कही से पता चला की कही नकली स्टैंप पेपर छापे जाते है। पुलिस ने छानबीन करी तो पता चला की स्टैंप पेपर स्कैम बहुत बड़ा हो सकता है जिसमे इंडिया की बड़ी बड़ी कंपनी के मालिक,पॉलिटीशियन, अंडरवर्ल्ड के लोग और भी कई नाम बार आए। उनमेसे एक नाम अब्दुल करीम तेलगी का भी था जब पुलिस ने उसे पकड़ना चाहा तो वह भाग गया था।

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फिर कुछ दिन के बाद वह अजमेर से पकड़ा गया फिर उसने अनिल गोते,शरद पवार के नाम भी बार आए अनिल गोते को इस केस पर ४ साल की जेल भी हुई लेकिन वह आरोपी साबित न होने के कारण छूट गए। अब्दुल करीम तेलगी का नार्को टेस्ट भी करवाया गया पर वह भी नाकाम हुआ। फिर एक बार २००६ में मामला पूरा सीबीआई को सोपा और कोर्ट में से अब्दुल करीम तेलगी को ३० साल की जेल और २०२ करोड़ का जुर्माना लगाया। ये जुर्माना अभी तक का सबसे बड़ा जुर्माना था अब्दुल करीम तेलगी के साथियों को भी जेल की सजा सुनाई थी।

Abdul Karim Telgi death

अब्दुल करीम तेलगी की सजा बादमें १३ साल की गई और सजा काटते उनकी जेल मैं ही मृत्यु हो गई। तभी लोग कहने लगे की तेलगी को भी हर्षद महेता की तरह जेल में मार दिया गया।

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