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Visheshan Kise Kahate Hain | visheshan ke bhed | Visheshan in hindi | 4 easy types of Visheshan

visheshan in hindi

visheshan in hindi

visheshan

विशेषण को परिभाषा क्या है Visheshan Ki Paribhasha

वो शब्द जो संज्ञा, नाम या सर्वनाम की विशेषता जैसे की दोष, संख्या, गुण, रंग, आकार, दशा आदि को दर्शाये, उसे विशेषण कहते है. आसान शब्दो में समझे तो एक सफेद गाय है और एक बड़ा पेड़ है. ‘ सफेद गाय ‘ और ‘ बड़ा पेड़ ‘ में सफेद और बड़ा उस वाक्य का विशेषण हुआ.

नाम, सर्वनाम, क्रिया और दूसरे शब्दों के साथ प्रत्यय जोड़कर विशेषण को बनाया जाता है. जिस शब्द से संज्ञा, नाम और सर्वनाम की विशेषता पहचानी का सके उसे विशेषण कहते है.

जैसेकी :- लंबा, नाटा, गाय, भैंस, आदमी, औरत, हल्का, भारी, नीला, पीला, काला, सफेद, आकाश, जमीन, थोड़ा, ज्यादा, पुरुष, महिला आदि नाम या सर्वनाम विशेषता बतलाते है.

विशेषण के उदाहरण – Visheshan Ke Udaharan

१. गुजरात एक स्वच्छ राज्य है.
२. प्रियंका एक सुंदर अभिनेत्री है.
३. लड़की के पर्स में बीस रूपये है.
४. चेतक का रंग नीला था.
५. आकाश लंबा लड़का है.
६. रमेश मेहनती नौकर है.

• ऊपर लिखे सभी उदाहरण के शब्द – स्वच्छ, सुंदर, बीस, नीला, लंबा और मेहनती सभी नाम या सर्वनाम की विशेषता दिखलाते है. इसीलिए वह विशेषण है.

विशेषण के कार्य और उनकी पहचान kriya visheshan

• विशेषण के सबसे महत्वपूर्ण कार्य संज्ञा, नाम या सर्वनाम के दोष, गुण, निश्चित और अनिश्चित संख्या, अवस्था आदि को दर्शाना है. उदाहरण से समझना चाहे तो…

• प्रियंका सुंदर अभिनेत्री है… इस वाक्य में सुंदर गुण है.
• जयचंद डरपोक सिपाही है… इस वाक्य में डरपोक दोष है.
• लड़की के पर्स में बीस रूपये है… इस वाक्य में बीस निश्चित संख्या है.
• थोड़ा जयुश पी लो… इस वाक्य में थोड़ा अनिश्चित संख्या है.
• नीले रंग का घोड़ा लेकर आओ… इस वाक्य में सिर्फ नीले रंग का घोड़ा लाओ सफेद या काला नही. यह एक रंग को सीमित करता है.
• वह बूढ़ा है… इस वाक्य में बूढ़ा व्यक्ति को अवस्था दर्शाता है.

विशेषण के भेद visheshan ke bhed

विशेषण की परिभाषा जानने के लिए इसका इस्तेमाल होता है. विशेषण के मुख्य चार भेद है.

१. गुणवाचक विशेषण
२. परिमाणवाचक विशेषण
३. संख्यावाचक विशेषण
४. नामवाचक विशेषण

१. गुणवाचक विशेषण

• जिस विशेषण से नाम या सर्वनाम के रंग, आकार, दशा और स्वभाव की पहचान हो उसे गुणवाचक विशेषण कहते है. जैसेकी – नीला, पीला, काला, सफेद, ऊंचा, लंबा, नाटा, नीचा, सूखा, गीला, दुबला, पतला, सच्चा, जूठा, अच्छा, बुरा आदि गुणवाचक विशेषण को दिखलाते है.

१. नीले रंग का घोड़ा लेकर आओ… इस वाक्य में सिर्फ नीला रंग तो दिखलाता है.
२. मोहन अच्छा लड़का है… इस वाक्य में अच्छा या बुरा व्यक्ति का गुण है.
३. जयचंद डरपोक/ बहादुर सिपाही है… इस वाक्य में डरपोक/बहादुर गुण/दोष है.
४. मुकेश दुबला/ मोटा लड़का है… इस वाक्य में दुबला/ मोटा दशा है.

२. परिमाणवाचक विशेषण

• जिस विशेषण से वस्तु के परिमाण जैसे की, निश्चित और अनिश्चित मात्रा की पहचान हो उसे परिमाणवाचक विशेषण कहते है. जैसेकी – दो, तीन, चार, थोड़ा, ज्यादा, कम, अधिक आदि परिमाणवाचक विशेषण को दिखलाते है.

१. थोड़ा जयुश पी लो… इस वाक्य में थोड़ा अनिश्चित संख्या है.
२. लड़की के पर्स में बीस रूपये है… इस वाक्य में बीस निश्चित संख्या है.
३. तीन लीटर दूध दे दो… इस वाक्य में तीन निश्चित संख्या है.

३. संख्यावाचक विशेषण

• जिस विशेषण से वस्तु की मात्रा जैसे की, निश्चित और अनिश्चित मात्रा की पहचान हो उसे संख्यावाचक विशेषण कहते है. जैसेकी – दो, तीन, चार, पांच, थोड़ा, ज्यादा आदि…

१. . थोड़ा जयुश पी लो… इस वाक्य में थोड़ा अनिश्चित संख्या है.
२. लड़की के पर्स में बीस रूपये है… इस वाक्य में बीस निश्चित संख्या है.
३. तीन लीटर दूध दे दो… इस वाक्य में तीन निश्चित संख्या है.

• संख्यावाचक विशेषण और परिमाणवाचक विशेषण में भेद करना बहुत ही मुश्किल है.

४. नामवाचक विशेषण

• जिस विशेषण से नाम या सर्वनाम विशेषण के रूप में प्रयुक्त हो उसे नामवाचक विशेषण कहते है.

१. उस व्यक्ति को बुलाओ… इस वाक्य में उस नामवाचक विशेषण है.
२. वहा देखो वह लड़का खेल रहा है… इस वाक्य में वहा और वह नामवाचक विशेषण है.

विशेष्य किसे कहते है – visheshya kise kahate hain

• विशेषण जिस भी संज्ञा, नाम या सर्वनाम की विशेषता दर्शाता है उस नाम या सर्वनाम को विशेष्य कहते है. आसान भाषा में समझे तो संज्ञा, नाम या सर्वनाम एक तरह से विशेष्य ही होता है.
• विशेष्य को मुख्य दो रूप से इस्तेमाल किया जाता है.

१. संज्ञा या नाम के साथ
२. क्रिया के साथ

१. संज्ञा या नाम के साथ :– संज्ञा या नाम के साथ उपयोग होने पर इसे विशेष्य विशेषण कहते है तथा इनका प्रयोग विशेष्य से पहले किया जाता है.

२. क्रिया के साथ – क्रिया के साथ उपयोग होने पर इसे विधेय विशेषण कहते है तथा इनका प्रयोग क्रिया से पहले किया जाता है. समानाधिकरण को दूसरे विधेय विशेषण कहा जाता है.


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