आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2024: मंगलवार को करें ये विशेष उपाय, नौकरी में मिलेगी उन्नति

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आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2024, जो 10 जुलाई को मंगलवार से प्रारंभ हो रही है, हिन्दू धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण समय है। यह गुप्त नवरात्रि विशेषत: तंत्र साधना और गुप्त उपासना के लिए जानी जाती है। इस दौरान देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करने से व्यक्ति को अद्वितीय लाभ प्राप्त होते हैं। खासतौर पर इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से नौकरी में उन्नति और आर्थिक सुधार संभव हो सकता है।

गुप्त नवरात्रि का महत्व

गुप्त नवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत बड़ा है। यह नवरात्रि साल में दो बार आती है – पहली माघ माह में और दूसरी आषाढ़ माह में। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में तंत्र साधक विशेष प्रकार की साधनाएँ करते हैं, जिससे उन्हें शक्ति और सिद्धियों की प्राप्ति होती है। इस समय में देवी दुर्गा के गुप्त रूपों की पूजा की जाती है, जो तंत्र साधना के लिए अत्यंत प्रभावी मानी जाती हैं।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की विशेषताएँ

  • तंत्र साधना का समय: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना के लिए आदर्श समय माना जाता है। इस दौरान साधक गुप्त मंत्रों और तंत्र विधियों का पालन करते हैं।
  • अदृश्य शक्तियों का आह्वान: इस नवरात्रि में देवी के गुप्त रूपों की पूजा से अदृश्य शक्तियों का आह्वान किया जाता है, जो साधक की साधना को सफल बनाती हैं।
  • आध्यात्मिक विकास: इस समय में की गई साधनाएँ और उपासनाएँ व्यक्ति के आध्यात्मिक विकास में सहायक होती हैं, जिससे उसे जीवन में सफलता और संतोष प्राप्त होता है।

मंगलवार का विशेष महत्व

इस साल, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पहला दिन मंगलवार को पड़ रहा है, जो विशेष रूप से मंगल ग्रह का दिन है। मंगल को शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, और इस दिन किए गए उपायों से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

मंगलवार को करें ये उपाय

  1. मंगलवार को हनुमान जी की पूजा: मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से विशेष लाभ होता है। हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाकर उनकी आरती करें। इससे नौकरी में उन्नति और कार्यों में सफलता प्राप्त होगी।
  2. मंगलवार को व्रत रखें: इस दिन व्रत रखने से आपकी आंतरिक शक्ति और ऊर्जा में वृद्धि होती है। यह व्रत नौकरी और व्यवसाय में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है।
  3. मंगलवार को लाल वस्त्र धारण करें: इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह रंग मंगल ग्रह का प्रतीक है और इसे पहनने से नौकरी में आने वाली कठिनाइयाँ कम होती हैं।
  4. मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ: हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन में आने वाली समस्याएँ दूर होती हैं। इसे पढ़ने से मन को शांति और ऊर्जा प्राप्त होती है, जो कार्यक्षेत्र में सफलता दिलाती है।

गुप्त नवरात्रि में विशेष पूजा विधि

गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा की विशेष पूजा विधि का पालन करने से व्यक्ति को अनेक प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती हैं। यहाँ कुछ प्रमुख पूजा विधियाँ दी गई हैं:

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कलश स्थापना

  • कलश की तैयारी: नवरात्रि के पहले दिन एक मिट्टी के बर्तन में जौ बोएँ और उसे गंगाजल से भर दें। इस बर्तन को घर के पूजा स्थल पर स्थापित करें।
  • कलश स्थापना मंत्र: कलश स्थापना करते समय निम्न मंत्र का जाप करें:
  ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।

दुर्गा सप्तशती का पाठ

  • पाठ का समय: नवरात्रि के सभी नौ दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। इसे प्रातः और सायं के समय पढ़ना विशेष फलदायी होता है।
  • पाठ विधि: दुर्गा सप्तशती को शुद्ध आसन पर बैठकर करें और ध्यान रखें कि पाठ करते समय मन एकाग्र हो।

हवन

  • हवन सामग्री: हवन के लिए शुद्ध घी, चंदन, कपूर, गुड़, और विभिन्न प्रकार की औषधियाँ इस्तेमाल करें।
  • हवन मंत्र: हवन करते समय निम्न मंत्रों का जाप करें:
  ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।
  ॐ दुर्गायै नमः।

गुप्त नवरात्रि के दौरान ध्यान देने योग्य बातें

  • शुद्धता का पालन: इस समय में शारीरिक और मानसिक शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। स्वच्छता बनाए रखें और अशुद्ध विचारों से दूर रहें।
  • सदाचार: इस समय में अच्छे कार्य करें और दान-पुण्य में भाग लें। यह आपकी साधना को अधिक फलदायी बनाता है।
  • मौन व्रत: साधक इस समय मौन व्रत का पालन कर सकते हैं। यह व्रत मानसिक एकाग्रता को बढ़ाता है और साधना में सहायता करता है।

गुप्त नवरात्रि में तंत्र साधना

तंत्र साधना गुप्त नवरात्रि का एक प्रमुख अंग है। इस साधना को करने से व्यक्ति को शक्ति और सिद्धियाँ प्राप्त होती हैं। यहाँ तंत्र साधना की कुछ महत्वपूर्ण बातें दी गई हैं:

तंत्र साधना की विधि

  • साधना स्थल: तंत्र साधना के लिए एकांत और शांत स्थान का चयन करें। यह स्थान पूजा स्थल से अलग हो सकता है।
  • मंत्र जाप: साधना के समय गुप्त मंत्रों का जाप करें। यह मंत्र साधक को विशेष ऊर्जा प्रदान करते हैं।

तंत्र साधना में सावधानियाँ

  • शुद्धता: तंत्र साधना में शारीरिक और मानसिक शुद्धता का ध्यान रखें। साधना स्थल को स्वच्छ रखें और साधना के समय मन को एकाग्र करें।
  • नियमों का पालन: तंत्र साधना में किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं होनी चाहिए। सभी नियमों का पालन करें और सही विधि का अनुसरण करें।

नौकरी में उन्नति के अन्य उपाय

गुप्त नवरात्रि के दौरान नौकरी में उन्नति के लिए निम्नलिखित उपाय भी किए जा सकते हैं:

मन्नत का धागा

  • धागा बाँधें: नवरात्रि के पहले दिन किसी पवित्र स्थान पर मन्नत का धागा बाँधें। यह धागा नौकरी में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में सहायक होता है।
  • धागा उतारें: नौ दिनों के बाद इस धागे को उतारकर किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें।

रुद्राक्ष की माला

  • माला धारण करें: गुप्त नवरात्रि के दौरान रुद्राक्ष की माला धारण करें। यह माला नौकरी में उन्नति और सफलता के लिए लाभकारी होती है।
  • मंत्र जाप: माला पर निम्न मंत्र का जाप करें:
  ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2024 एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है, जो नौकरी में उन्नति और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अद्वितीय समय है। इस नवरात्रि में विशेष उपाय और पूजा विधियाँ करने से व्यक्ति को अनेक प्रकार के लाभ प्राप्त हो सकते हैं। विशेष रूप से मंगलवार के दिन किए गए उपायों से नौकरी में विशेष उन्नति होती है। इन उपायों का पालन करने से न केवल व्यक्ति का आध्यात्मिक विकास होता है, बल्कि उसे आर्थिक और पेशेवर जीवन में भी सफलता प्राप्त होती है।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुभकामनाएँ!

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